दरअसल युवा की परिकल्पना इसलिए की गई, क्योंकि राजनीतिक दल अपने फायदे के लिए, सत्ता लाभ के लिए वर्तमान और भविष्य को संकट के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। भ्रष्टाचार की नई पटकथा लिखी जा रही है, सरहद पर किसान का बेटा आजादी के बाद से मौत की नौकरी कर रहा है। किसानों का लाभ बिचौलिए दशकों से खा रहे हैं और युवा, छात्र शून्य की स्थिति में है इसलिए युवा संगठन की स्थापना की गई और उसके बाद से लगातार हम संघर्ष कर रहे हैं।

शब्द हजार गढ़े जा सकते हैं लेकिन जो हमारी लड़ाई है, कवायद है वो लड़कर पूरी की जा सकती है इसलिए आप हमारे साथ आइए और देश को इस संकट से बचाइए। क्योंकि ये मिट्टी हमारी है और हम इसके कर्जदार भी हैं।